कोलकाता/दक्षिण 24 परगना: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में हुए मतदान के दौरान व्यापक अनियमितताओं और धांधली की शिकायतों के बीच चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के 15 बूथों पर हुए मतदान को ‘शून्य’ (Void) घोषित कर दिया है और वहां शनिवार, 2 मई को पुनर्मतदान कराने का फैसला किया है।
मुख्य आकर्षण
- पुनर्मतदान की तारीख: शनिवार, 2 मई 2026।
- समय: सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक।
- प्रभावित क्षेत्र: मगराहाट पश्चिम (11 बूथ) और डायमंड हार्बर (4 बूथ)।
- वजह: EVM पर काला टेप चिपकाने, स्याही डालने और डराने-धमकाने की शिकायतें।
किन सीटों पर होगा फिर से मतदान?
चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, पुनर्मतदान मुख्य रूप से दक्षिण 24 परगना जिले की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर केंद्रित है:
- मगराहाट पश्चिम (Magrahat Paschim): यहाँ के 11 मतदान केंद्रों पर फिर से वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण के दौरान यहाँ सबसे ज्यादा शिकायतें मिली थीं।
- डायमंड हार्बर (Diamond Harbour): टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र के 4 बूथों पर धांधली की पुष्टि के बाद पुनर्मतदान का आदेश दिया गया है।
धांधली की शिकायतों का अंबार
29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान के दौरान भाजपा समेत अन्य विपक्षी दलों ने आयोग के पास शिकायतों की झड़ी लगा दी थी। कुल 77 बूथों से EVM के साथ छेड़छाड़ की रिपोर्ट मिली थी। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि:
- विशिष्ट राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्हों पर काला टेप या गोंद (Adhesive) चिपका दिया गया था ताकि मतदाता उन्हें न दबा सकें।
- EVM के बटन पर स्याही और केमिकल डाले गए थे।
- मतदान केंद्रों के पास भाजपा कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को डराने-धमकाने की खबरें भी आई थीं।
निर्वाचन आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों और केंद्रीय पर्यवेक्षकों (Observers) की रिपोर्ट के आधार पर इन 15 बूथों पर मतदान रद्द करने का फैसला लिया।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप: ‘लोकतंत्र की हत्या’ बनाम ‘नौटंकी’
EC के इस फैसले ने राज्य में राजनीतिक पारा और बढ़ा दिया है।
- भाजपा का रुख: विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल (TMC) ने हार के डर से बूथों पर कब्जा करने की कोशिश की। उन्होंने मांग की कि उन सभी 77 बूथों पर पुनर्मतदान होना चाहिए जहाँ शिकायतें मिली थीं।
- TMC का पलटवार: तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने इसे भाजपा की ‘साजिश’ करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी हार तय देखकर केंद्रीय संस्थानों का उपयोग कर रही है और मतदाताओं को बार-बार परेशान कर रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और सुप्रीम कोर्ट में जंग
पुनर्मतदान के लिए आयोग ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात करने का निर्देश दिया है। इस बीच, मतगणना की प्रक्रिया को लेकर भी विवाद छिड़ा हुआ है। TMC ने चुनाव आयोग के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आयोग ने मतगणना पर्यवेक्षकों के रूप में केवल केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति की बात कही है। इस याचिका पर 2 मई को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने वाली है।

