उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 7 मई 2026 को राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की प्रबल संभावना है।
यहाँ लखनऊ के लिए 7 मई का विस्तृत पूर्वानुमान और राज्यव्यापी अलर्ट की जानकारी दी गई है:
UP Weather Update: 7 मई 2026 का पूर्वानुमान
लखनऊ का मौसम (Lucknow Weather):
- दिन का हाल: लखनऊ में कल दिन के समय हल्की बारिश (Light Rain) होने की 80% संभावना है।
- तापमान: अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 22°C रहने का अनुमान है।
- हवा और आर्द्रता: पूर्व दिशा से 8 mph की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और आर्द्रता (Humidity) 57% तक रहेगी।
- रात का हाल: रात के समय आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, हालांकि बीच-बीच में बादल छाए रह सकते हैं। रात में बारिश की संभावना मात्र 10% है।
राज्यव्यापी अलर्ट और मुख्य बिंदु:
- धुआंधार बारिश का अलर्ट: मौसम विभाग ने 7 मई को उत्तर प्रदेश के कई जिलों, विशेषकर पूर्वी यूपी के देवरिया, गोरखपुर, बस्ती और गोंडा में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
- पछुआ हवाओं का असर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, जिससे तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
- सावधानी: वज्रपात (Lightning) और तेज हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने तराई और पूर्वी यूपी के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
संक्षिप्त सारांश: 7 मई को लखनऊ में 31°C तापमान के साथ हल्की बारिश की 80% संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
7 मई को कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं और पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के मिलन से उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में एक ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ बन रहा है। इसका सीधा असर 7 मई को देखने को मिलेगा।
- तेज रफ्तार हवाएं: 7 मई की सुबह से ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने की संभावना है।
- बिजली की चेतावनी: विभाग ने विशेष रूप से ‘वज्रपात’ (Lightning) को लेकर अलर्ट जारी किया है। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को पेड़ के नीचे न रुकने की सलाह दी गई है।
- तापमान में गिरावट: इस बारिश के बाद अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
इन जिलों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट (District Wise List)
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश को तीन जोन में बांटकर अलर्ट जारी किया है:
1. पूर्वी उत्तर प्रदेश (भारी बारिश का अलर्ट):
इन जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है:
- गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, श्रावस्ती, और बलरामपुर।
2. तराई और मध्य यूपी (मध्यम बारिश):
राजधानी लखनऊ सहित इन इलाकों में दिन भर बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बौछारें पड़ेंगी:
- लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर, उन्नाव, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, और रायबरेली।
3. पश्चिमी उत्तर प्रदेश (आंधी और बूंदाबांदी):
पश्चिमी यूपी के जिलों में बारिश से ज्यादा आंधी का जोर रहेगा:
- मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, और आगरा।
क्यों बदल रहा है अचानक मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई के महीने में इस तरह का बदलाव ‘प्री-मानसून एक्टिविटी’ का हिस्सा है। 2026 में अल-नीनो का प्रभाव कम होने के कारण इस बार समय से पहले नमी वाली हवाएं उत्तर भारत के मैदानों में प्रवेश कर रही हैं। 7 मई को होने वाली यह बारिश न केवल तापमान को कम करेगी, बल्कि भूजल स्तर और सूख रही फसलों के लिए भी संजीवनी का काम करेगी।
प्रशासन की तैयारी और सावधानी के निर्देश
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
- बिजली विभाग: तेज हवाओं के कारण बिजली कटौती की आशंका है, इसलिए लाइनों के रखरखाव के लिए टीमें तैनात की गई हैं।
- किसानों को सलाह: जिन किसानों की फसलें खलिहान में हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है। आम की फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद है, लेकिन तेज आंधी फल गिरा सकती है।
- आम जनता के लिए: आंधी के दौरान पुराने भवनों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों से दूर रहें।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि 7 मई की इस बारिश का असर अगले 48 घंटों तक यानी 9 मई तक बना रह सकता है। इसके बाद 10 मई से एक बार फिर मौसम साफ होगा और धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी शुरू होगी।
मुख्य बिंदु:
- तारीख: 7 मई 2026
- अलर्ट टाइप: ऑरेंज अलर्ट (सतर्क रहें)
- प्रभाव: तेज आंधी, वज्रपात और बारिश।

