मिर्जापुर सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर के बाद बोलेरो में लगी भीषण आग, 11 लोग जिंदा जले |

मिर्जापुर सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर के बाद बोलेरो में लगी भीषण आग, 11 लोग जिंदा जले |

मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश), 23 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार की रात ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बड़का घुमान मोड़ (ड्रमंडगंज घाटी) पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने कहर बरपाया। ट्रक का ब्रेक फेल होने के कारण उसने एक बोलेरो, एक स्विफ्ट डिजायर और एक ट्रेलर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो और स्विफ्ट कारों में तुरंत आग लग गई, जिससे उनमें सवार 11 लोग जिंदा जल गए।

कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?

घटना बुधवार रात करीब 8:20 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक ट्रक (MP 15 HA 3775) जो चने से लदा हुआ था, ड्रमंडगंज घाटी से नीचे उतर रहा था। अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया और वह अनियंत्रित हो गया। बेकाबू ट्रक ने आगे चल रही स्विफ्ट डिजायर (UP 65 MT 4038) और बोलेरो (UP 63 AC 5589) को पीछे से जबरदस्त टक्कर मारी। टक्कर के बाद गाड़ियाँ आगे चल रहे एक ट्रेलर (BR 24 GC 7990) और ट्रक के बीच में फंस गईं।

टक्कर लगते ही गाड़ियों के फ्यूल टैंक फट गए और भीषण आग लग गई। बोलेरो में सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते बोलेरो आग का गोला बन गई। स्थानीय लोग बचाने के लिए दौड़े, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कोई पास नहीं जा सका।

मरने वालों में 4 मासूम बच्चे शामिल

पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में बोलेरो सवार 9 लोग शामिल हैं, जिनमें 4 मासूम बच्चे और महिलाएं भी थीं। इसके अलावा स्विफ्ट कार के चालक और ट्रक के एक कर्मी की भी मौत की खबर है। शव इस कदर जल चुके हैं कि उनकी शिनाख्त करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

प्रशासनिक कार्रवाई और राहत कार्य

हादसे की सूचना मिलते ही मिर्जापुर की एसपी अपर्णा रजत कौशिक, भारी पुलिस बल और दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचीं। एसपी ने बताया कि “प्राथमिक जांच में ट्रक का ब्रेक फेल होना हादसे की वजह लग रहा है। आग पर काबू पा लिया गया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।”

वाराणसी-रीवा हाईवे (NH-135) पर इस हादसे के बाद घंटों तक लंबा जाम लगा रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से जले हुए वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू कराया।

ड्रमंडगंज घाटी: ‘डेथ जोन’ बनती सड़क

स्थानीय ग्रामीणों में इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ड्रमंडगंज घाटी का यह मोड़ बेहद खतरनाक है और यहाँ अक्सर ब्रेक फेल होने की घटनाएं होती हैं। सड़क निर्माण में खामियों और पर्याप्त सुरक्षा घेरा (Crash Barriers) न होने के कारण यहाँ आए दिन लोग अपनी जान गंवाते हैं।

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