लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा रुख जारी है। हाल ही में सहायक आचार्य (Assistant Professor) भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कृष्ण अवतारम के नेतृत्व वाली एक उच्च स्तरीय टीम ने मुलाकात की है, जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी परीक्षाओं को पूरी तरह से “नकल विहीन” बनाना है।
यह कदम पिछले साल हुई परीक्षाओं में मिली गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार माना जा रहा है।
नकल माफियाओं के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में हुई सहायक आचार्य परीक्षा में धांधली की रिपोर्ट मिलने के बाद उसे निरस्त कर दिया था। अब, 18 और 19 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली पुनर्परीक्षा के लिए सुरक्षा के ऐसे अभेद्य इंतजाम किए जा रहे हैं कि नकल की गुंजाइश शून्य रह जाए।
कृष्ण अवतारम टीम की मुलाकात और विशेष रणनीति
विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम, जिसका नेतृत्व कृष्ण अवतारम कर रहे हैं, ने मुख्यमंत्री को एक ब्लूप्रिंट सौंपा है। इस मुलाकात में निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई:
- डिजिटल मॉनिटरिंग: प्रत्येक परीक्षा केंद्र को सीधे राज्य स्तर के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा।
- AI तकनीक का प्रयोग: नकल रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा, जो संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत पकड़ लेगा।
- सुरक्षित प्रश्नपत्र वितरण: प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए GPS और डिजिटल लॉक सिस्टम का इस्तेमाल होगा।
- नकल माफियाओं पर नकेल: एसटीएफ (STF) और स्थानीय पुलिस की खुफिया विंग को सक्रिय कर दिया गया है।
पिछली गलतियों से लिया गया सबक
जनवरी 2026 में योगी सरकार ने विज्ञापन संख्या 51 के तहत हुई पिछली सहायक आचार्य परीक्षा को रद्द कर दिया था। एसटीएफ की जांच में पाया गया था कि शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के भीतर से ही गोपनीय जानकारी लीक की गई थी। इस मामले में आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष के निजी सहायक सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
मुख्यमंत्री ने इस बार सख्त निर्देश दिए हैं कि चयन प्रक्रिया में शामिल हर व्यक्ति की जवाबदेही तय हो। यदि किसी केंद्र या अधिकारी की मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ ‘गैंगस्टर एक्ट’ के तहत कार्रवाई की जाएगी और उनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने परीक्षा के लिए नए एडमिट कार्ड और दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे:
- परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से 2 घंटे पहले पहुंचें।
- किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी या अनावश्यक कागजात साथ न लाएं।
- केवल वही पहचान पत्र लाएं जो आवेदन पत्र में दर्ज किया गया है।
भर्ती परीक्षा का शेड्यूल (अप्रैल 2026)
| परीक्षा तिथि | प्रथम पाली (09:30 AM – 11:30 AM) | द्वितीय पाली (02:30 PM – 04:30 PM) |
| 18 अप्रैल 2026 | अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, समाजशास्त्र | हिंदी, दर्शनशास्त्र, शिक्षा शास्त्र |
| 19 अप्रैल 2026 | सैन्य विज्ञान, बागवानी, उर्दू | अन्य शेष विषय |
पारदर्शिता का नया अध्याय
योगी सरकार का लक्ष्य न केवल सहायक आचार्य भर्ती को संपन्न कराना है, बल्कि एक ऐसा मानक स्थापित करना है जिससे भविष्य में होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं (जैसे यूपी पुलिस, शिक्षक भर्ती) में अभ्यर्थियों का विश्वास बना रहे।
कृष्ण अवतारम की टीम ने आश्वासन दिया है कि नई प्रणाली के लागू होने के बाद प्रश्नपत्र लीक होने या सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की संभावना को तकनीकी रूप से असंभव बना दिया गया है।

