लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा बदलाव किया गया है। तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी कमलेश दीक्षित को लखनऊ के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) पश्चिमी (West) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चुनौतियों का पहाड़: पुराने लखनऊ का जाम और अतिक्रमण कमलेश दीक्षित के लिए पश्चिमी जोन की जिम्मेदारी संभालना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। पुराने लखनऊ का इलाका, जो अपनी ऐतिहासिक इमारतों और तंग गलियों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से ट्रैफिक जाम, अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत पार्किंग की समस्या से जूझ रहा है।
अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज और सआदतगंज जैसे व्यस्त इलाकों में ई-रिक्शा की अनियंत्रित संख्या और फुटपाथों पर अवैध कब्जों ने आम जनता का पैदल चलना भी दूभर कर रखा है।
क्या होंगे प्राथमिकता वाले क्षेत्र? सूत्रों के अनुसार, नए डीसीपी वेस्ट के सामने तीन मुख्य लक्ष्य होंगे:
- अपराध नियंत्रण: पुराने शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अपराधियों पर नकेल कसना।
- ट्रैफिक सुधार: पुराने लखनऊ के प्रमुख चौराहों को जाम मुक्त बनाना और ई-रिक्शा के लिए रूट निर्धारित करना।
- अतिक्रमण हटाओ अभियान: नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर अवैध रूप से सड़कों पर सजी दुकानों और पार्किंग स्टैंड्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना।
अनुभव का मिलेगा लाभ कमलेश दीक्षित इससे पहले भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है। अब देखना यह होगा कि वह पुराने लखनऊ की इन जटिल समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने में कितने प्रभावी साबित होते हैं। लखनऊ की जनता को उम्मीद है कि नए डीसीपी के आने से क्षेत्र की सड़कों पर सुधार देखने को मिलेगा।

