उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से एक बार फिर पुलिस विभाग में महत्वपूर्ण फेरबदल किए हैं। शनिवार की देर रात जारी की गई तबादला सूची में कई जिलों के पुलिस कप्तान बदले गए हैं। इस फेरबदल में सबसे चौंकाने वाला नाम देवरिया के एसपी संजीव सुमन का रहा, जिन्हें पद से हटाते हुए मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
1. देवरिया में बड़ा बदलाव: संजीव सुमन की विदाई
देवरिया जिले में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, शासन ने संजीव सुमन को हटा दिया है। संजीव सुमन को अब डीजीपी (DGP) मुख्यालय, लखनऊ से अटैच किया गया है। उनके स्थान पर अभिजीत आर शंकर को देवरिया का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है।
अभिजीत आर शंकर इससे पहले भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं और अब उनके सामने देवरिया जैसे संवेदनशील जिले में अपराध नियंत्रण की बड़ी चुनौती होगी।
2. प्राची सिंह को मिली अंबेडकरनगर की कमान
तबादलों की इस सूची में प्राची सिंह का नाम भी प्रमुखता से उभरा है। तेज-तर्रार छवि वाली आईपीएस अधिकारी प्राची सिंह को अब अंबेडकरनगर का नया एसपी बनाया गया है। जिले की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिला संबंधी अपराधों पर लगाम लगाने के लिए शासन ने उन पर भरोसा जताया है।
महत्वपूर्ण तबादलों की सूची एक नजर में:
| अधिकारी का नाम | वर्तमान/पूर्व पद | नवीन तैनाती |
| संजीव सुमन | एसपी, देवरिया | डीजीपी मुख्यालय (अटैच) |
| अभिजीत आर शंकर | प्रतीक्षारत/अन्य | एसपी, देवरिया |
| प्राची सिंह | प्रतीक्षारत/अन्य | एसपी, अंबेडकरनगर |
3. संजीव सुमन को हटाए जाने के पीछे के संभावित कारण
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि देवरिया में पिछले कुछ समय से हुई कुछ घटनाओं और स्थानीय स्तर पर तालमेल की कमी के कारण शासन संजीव सुमन की कार्यशैली से असंतुष्ट था। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे एक रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है, लेकिन डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया जाना “वेटिंग लिस्ट” या “लूप लाइन” के तौर पर देखा जा रहा है।
4. अभिजीत आर शंकर और प्राची सिंह के सामने चुनौतियां
- देवरिया (अभिजीत आर शंकर): देवरिया में भू-माफियाओं और स्थानीय गैंग्स पर लगाम लगाना नए कप्तान की प्राथमिकता होगी। साथ ही, आगामी स्थानीय चुनावों को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है।
- अंबेडकरनगर (प्राची सिंह): अंबेडकरनगर में सांप्रदायिक सौहार्द और अपराध दर को कम करना प्राची सिंह के लिए मुख्य एजेंडा रहेगा।
5. योगी सरकार का “जीरो टॉलरेंस” संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जो भी अधिकारी जनता की समस्याओं को सुनने में लापरवाही बरतेगा या जिसके जिले में अपराध का ग्राफ बढ़ेगा, उसे पद से हटा दिया जाएगा। यह तबादले उसी कड़ी का हिस्सा माने जा रहे हैं। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि “थाना दिवस” और “तहसील दिवस” पर आने वाली शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
नोट: उत्तर प्रदेश शासन आने वाले दिनों में कुछ और जिलों के कप्तानों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले कर सकता है। डीजीपी ऑफिस लगातार जिलों की रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रहा है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश पुलिस में यह फेरबदल कानून व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए किया गया है। देवरिया और अंबेडकरनगर जैसे जिलों को नए और ऊर्जावान नेतृत्व मिलने से स्थानीय पुलिसिंग में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नए अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध मुक्त वातावरण बनाने में कितने सफल सिद्ध होते हैं।
