(इस खबर के कुछ विवरण विचलित कर सकते हैं)
“वह कुछ लोगों के अलावा किसी को पास आने नहीं देते. बड़े-बड़े लोगों को छोड़कर किसी को पास आने नहीं देते और महिलाओं को प्राथमिकता देते हैं. जब हमने यह सब देखा, तब से हमने वहाँ जाना बंद कर दिया.”
मिरगाँव के संतोष हिंगे अशोक खरात के बारे में बात कर रहे थे. मिरगाँव, नासिक ज़िले के सिन्नर तालुका का एक गाँव है, जिसकी आबादी लगभग ढाई हज़ार है. इसी गाँव में अशोक खरात ने ‘शिवनिका संस्थान’ की स्थापना की थी.
अशोक खरात को महिलाओं का यौन शोषण करने के मामले में पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. नासिक ज़िला एवं सत्र न्यायालय ने उन्हें 29 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा है.
जब हम मिरगाँव पहुँचे, तो गाँव के लोग अशोक खरात के बारे में बात करने से बच रहे थे. कुछ ने कहा, “हमारा इंटरव्यू मत लीजिए, हमें डर लगता है.”

