अमेरिका

जो बाइडेन अमेरिका के नए राष्ट्रपति का पद संभालने जा रहे हैं .इसी के साथ अप्रवासियों के मुद्दे पर व्यापक कदम उठाने जा रहे हैं.बाइडेन पहले कार्यकाल के पहले ही दिन आव्रजन विधेयक (Immigration bill) को मंजूरी दे सकते हैं. ये एक ऐसा कदम है जिससे अमेरिका में बिना कानूनी मान्यता के रह रहे 1 करोड़ 10 लाख लोगों को वहां की नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा. इस 1 करोड़ 10 लाख लोगों में बड़ी संख्या में भारतीय भी हैं. जो बाइडेन की ये नीति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रवासी नीति से एकदम अलग है. ट्रंप ने अपने चार साल के कार्यकाल में न सिर्फ रोजगार और चमकते भविष्य की तलाश में अमेरिका आने वाले लोगों को रोका बल्कि बड़े पैमाने पर अवैध रूप से यूएस में घुस आगे लोगों को डिपोर्ट भी करवा दिया.लेकिन जो बाइडेन एकदम विपरित नीति पर चल रहे हैं. राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान ही बाइडेन ने अमेरिका के दरवाजे प्रतिभाशाली लोगों के लिए खोलने का वादा किया था. बाइडेन के इस कदम से लैटिन अमेरिकी देशों, भारतीय, चीनियों को फायदा होगा.

नई अप्रवास नीति

एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार नई अप्रवास नीति को लागू करने के लिए जो बाइडेन ने 1 जनवरी 2021 को बेंचमार्क बनाया है. यानी कि इस तारीख तक जो लोग अमेरिका में बिना कानूनी मान्यता के रह रहे थे उन्हें वहां की नागरिकता देने पर विचार किया जाएगा. इस बाबत जो बाइडेन अपने कार्यकाल के पहले ही दिन बिल पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. 8 साल की लंबी प्रक्रिया नागरिकता पाने की प्रक्रिया 8 साल तक चलेगी. इस दौरान अमेरिका में इन लोगों के व्यवहार, कानून के प्रति सम्मान को जांचा परखा जाएगा. सबसे पहले इन्हें 5 साल तक के लिए ग्रीन कार्ड दिया जाएगा, इस दौरान उनका बैकग्राउंड चेक किया जाएगा, देखा जाएगा कि क्या ये टैक्स भर रहे हैं, और दूसरी बुनियादी जरूरतें पूरी कर रहे हैं. इस जांच के बाद इन्हें दूसरे फेज में ट्रांसफर किया जाएगा जो कि तीन साल का होगा. इस चरण को ‘न्यूट्रलाइजेशन’ का नाम दिया गया है. इस फेज में नागरिकता के इच्छुक लोगों की अमेरिकी नागरिकता पक्की की जाएगी.

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