गोरखपुर : बी. पी. मिश्रा

बौनेपन छोटे कद के मूल्यांकन एवं प्रमाणन के दिषा-निर्देषों पर सी.आर.सी. ने वेबिनार के माध्यम से किया जागरूकता कार्यक्रम सी.आर.सी. गोरखपुर गति विशयक दिव्यांगता की 6 कार्यक्रमों की एक श्रंृखला चला रही है जिसमें बौनेपन/छोटे कद की दिव्यांगता की जागरूकता पर यह पांचवा कार्यक्रम था जिससे दिव्यांगता पुनर्वास में दिव्यांगता के प्रमाणन के प्रति जागरूकता पैदा हो सके। दिखने वाली दिव्यांगता में भी बिना प्रमाण-पत्र के सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं उठा सकते। जागरूकता के अभाव में औपचारिकताओं को पूरा करने में कभी-कभी कुछ अभिभावक इतने निराष हो जाते हैं कि वो प्रमाणन की प्रक्रिया को छोड़ देते हैं और व्यवस्था को कोसना षुरू कर देते हैं। अभिभावकोें की इस समस्या को देखते हुए सी.आर.सी. गोरखपुर ने 61वीं ई-परामर्ष श्रृंखला का आयोजन किया।

बतौर मुख्य अतिथि एवं वक्ता जिला महिला चिकित्सालय के डाॅं0 अजय षंकर देव कुलियार ने बौनेपन के बारे में बताया। अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि अभी तक लोग यह भी नहीं जानते थे कि बौनापन एक प्रकार की दिव्यांगता है। बौनेपन की वजह मेडिकल एवं जेनेटिक दोनो हो सकता है। जैसे कि थायराइड, किडनी की समस्या, लीवर की समस्या, एवं ग्रोथ हारमोन की कमी के कारण बौनापन हो सकता है।  तकनीकि सत्र में बोलतें हुए फिजियोथरेपी विभाग के प्रवक्ता श्री विजय गुप्ता ने बताया कि जिसकी लम्बाई 147 सेंटीमीटर या 4 फिट 10 इंच से कम होती है वही व्यक्ति बौनापन की श्रेणी में आता है तथा उसमें प्रत्येक कम होते हुए एक इंच पर चार परसेंट दिव्यांगता का प्रतिषत बढ़ता जाता है। तीन फिट 9 इंच पर 40 प्रतिषत दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र बन सकता है जो कि बेंच मार्क दिव्यांगता की श्रेणी में आता है।

यह श्रंखला सी.आर.सी. के निदेषक श्री रमेष कुमार पान्डेय जी के निर्देषन में चल रही है जिससे गति विशयक दिव्यांगता में मूल्यांकन और प्रमाणन करवाने वाले अभिभावकों को मदद मिलेगी।  कार्यक्रम समन्यवक विजय गुप्ता ने गति विशयक दिव्यांगता वाले कार्यक्रम की श्रृंखला की रूपरेखा तैयार की है। कार्यक्रम के सह-समन्यवक राजेष कुमार यादव ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा यू.डी.आई.डी. कार्ड के बारे में बताया। उन्होंने कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे सभी प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में आॅनलाइन माध्यम से 100 से ज्यादा लोगों ने प्रतिभाग किया। सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट दिया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here