महोबा :सूर्यभान

जहा उत्तर प्रदेश सरकार लाखों -करोड़ों का खर्च करने के बाद भी हरे -भरे बृक्षों को तैयार नहीं कर पाती है। वही साधारण से एक किसान  ने 20 बर्षो में पर्यावरण संरक्षण को लेकर 521 फलदार वृक्षों को लगाया है । इसी क्रम में बुन्देलखण्ड के महान समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी ने आज महोबा जनपद क्षेत्र के भ्रमण पर निकले जहा उन्होंने लोगो से बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ , सड़क सुरक्षा , भारतीय संस्कृति और शिक्षा संस्कारो को लेकर जन जागरण अभियान को गति दी।  साथ ही राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा रत्न उपाधि से सम्मानित समाजसेवी संतोष गंगेले ने घासीराम साहू और उनकी धर्मपत्नी गोमती  देवी का पुष्प माला से स्वागत कर शादी के 50 साल बाद जयमाला कार्यक्रम भी बाग बगीचा में करवाया

73 बर्षीय  श्री  घासीराम साहू ने 20 बर्षो में पर्यावरण संरक्षण को लेकर 521 फलदार वृक्षों को लगाया।    इस  कार्य में उनकी 68 बर्षीय धर्मपत्नी श्रीमती गोमती देवी साहू का भी सराहनीय सहयोग रहा है।  बुन्देलखण्ड के महान समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी ने आज महोबा जनपद क्षेत्र के भ्रमण पर निकले उन्होंने पिपरा।  इमलिया  अतरार माफ़ श्रीनगर सिजहरी महोबा तक पहुँच कर लोगो से बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ , सड़क सुरक्षा , भारतीय संस्कृति और शिक्षा संस्कारो को लेकर जन जागरण अभियान को गति दी।  राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा रत्न उपाधि से सम्मानित समाजसेवी संतोष गंगेले ने घासीराम साहू और उनकी धर्मपत्नी गोमती  देवी का पुष्प माला से स्वागत किया साथ ही खुशी बांटने के लिए शादी के 50 साल बाद जयमाला कार्यक्रम भी बाग बगीचा में करवाया

समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी ने ग्राम अतरार  माफ़ के रहने बाले चरण सिंह उर्फ़ बालगोली ठाकुर से भैट हुई।  उन्होंने बताया की हमारे ग्राम अतरार माफ़ के  73 बर्षीय   घासीराम साहू द्वारा अपनी भूमि पर सुन्दर वाग और बगीचा में 50 तरह के हरे भरे फलदार बृक्षों और सब्जिओ को लगा देखा जिस पर ने 20 बर्षो में पर्यावरण संरक्षण को लेकर 521 फलदार वृक्षों को लगाया है।  श्री घासी राम साहू ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ इन वृक्षों की देखरेख पुत्रों की समान करते हैं सभी  फलदार वृक्षों को कड़ी मेहनत के बाद 20 वर्षों में तैयार किया गया है 50 वर्ष लाखों रुपए का लाभ भी होता है प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लाख की खेती का स्पष्ट नमूना अतरार में देखने को मिला  l  इस बाग बगीचा में जानवरोंं के गोबर खाद का प्रयोग किया जाता है किसी  रसायनिक खाद का उपयोग नहीं कियाा जाता

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